: -भगवान आप की भावनाओ के द्वारा बात करता है मार्ग दर्शन करता है
Admin
Mon, Jul 22, 2024
-स्व संवाद -परिवर्तन
-ज्ञानी, अज्ञानी, योगी, भोगी हर मानव एक ही सवाल पूछते हैं बुरे पुराने कठोर संस्कार व आदतें कैसे बदलें ।
-अपनी परिस्थितियाँ तुरंत बदलने के लिये हर दिन 100 ऐसी बातें लिखे जिन्हे आप पसंद करते हैं या जिनके लिये आप किसी न किसी व्यक्ति का धन्यवाद करना चाहते हैं ।
-आप का काम अंदरूनी है । अपने संसार को बदलने के लिये आप को बस इतना ही करना है अपने अन्दर के अहसास को बदल लो । कितना आसान है ।
-भगवान आप की भावनाओ के द्वारा बात करता है मार्ग दर्शन करता है ।
-जब अच्छा महसूस हो तो ऐसी भावनाओ का मतलब है यह आप के लिये अच्छा है ।
-बुरी भावनायें हमें सतर्क करती हैं कि आप का ध्यान जिस बात पर है उसे बदल दो ।
-आप पल भर के लिये भी अकेले नही हैं, ईश्वरीय शक्ति आप के साथ है और मार्ग दर्शन कर रही है । उसे सुनना भर है ।
-एक ही शब्द जीवन की सब नकारात्मकता को ख़त्म कर सकता है । हमें समृद्ध बना देगा । सब शक्तियां आप की तरफ़ भागती चली आयेगीं। वह शब्द है " धन्यवाद" । बस इसे जीवन में दिन में अधिक से अधिक और कम से कम 100 बार मन में प्रयोग करो ।
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-आप के मन में जो भावनायें इस समय हैं आप उसी का स्वरूप इस समय हैं । आप क्या महसूस करते हैं । संतुष्ट या असंतुष्ट । यह भावना आप के नियंत्रण में है ।
-हर पल हम सभी कुछ न कुछ आकर्षित कर रहे हैंं, या तो मनचाही चीजो को आकर्षित कर रहे हैं या उस की कमी को आकर्षित कर रहे हैं ।
-प्रेम ही वह शक्ति है जिस से हम सब कुछ बदल सकते हैं ।
-ज्ञानी लोग दूसरो को बदलने में लगे रहते हैं, उन्हे शिक्षा देते हैं । इस से लोग नही बदलेगें । जिन्हे आप ज्ञान सुनाते हैं उन्हे हर रोज़ मन से प्रेम की तरंगे भी भेजा करो । यही काम हम सब को करना है । फ़िर देखना हमारे खुद के और दूसरों के संस्कार कैसे बदलते हैं । दूसरों को बदलने के लिये मजबूर नही करो, उन्हे गंदे गंदे टाइटल मत दो, थानेदार, थानेदारनी मत बनो, बगुले मौनी मत बनो, केवल मन से स्नेह दो । वह कैसे हैं यह नही सोचो, सिर्फ देखो मेरे मन में उनके प्रति कितना प्यार है ।
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