: प्रत्येक मनुष्य में एक जैविक घड़ी होती है
Admin
Tue, Aug 27, 2024
दिमाग क़ी शक्ति और नींद
-प्रत्येक मनुष्य में एक जैविक घड़ी होती है ।
-यह मास्टर घड़ी हजारो तंत्रिका कोशिकाओ से बनीं होती हैँ ।
-यह दिमाग के हाईपोथेलमस हिस्से में मैजूद होती है ।
-हाईपोथेलमस शारीरिक कार्यो के लिए हार्मोन पैदा करता है़ ।
-हाईपोथेलमस शारीर के तापमान और पानी क़ी मात्रा को भी नियन्त्रित करता है़ ।
-आंतरिक जैविक घड़ी हर रोज रोशनी के आधार पर दुबारा सेट होती है़ ।
-एक दिन में 24 घंटे के हिसाब से सभी क़ी घड़ियां एक समान होनी चाहिए ।
-परंतु ऐसा नहीं है़ ।
-इसी वजह से किसी को जल्दी नींद आती है़ तो कोई देर तक जागता है़ ।
-आप क़ी घड़ी तेज है़ तो सब कुछ जल्दी जल्दी करेंगें ।
-अगर आप क़ी घड़ी धीमी है़ तो हरेक काम धीरे धीरे करेंगें ।
- आंतरिक घड़ी क़ी चाहे जो भी गति हो हमें आपने समाज क़ी बनाई हुई रात 9 से 5 क़ी रोटीन से तालमेल बिठाना चाहिए ।
-जब हम अपने कमरे क़ी लाईट बंद कर के बिस्तर पर जाते है़ और अपनी आंखे बंद करते है़ तो धीरे धीरे हमारे दिमाग से अल्फा वेबस निकलती हैँ जो क़ि हमें नींद क़ी ओर लें जाती हैँ ।
--इस अवधि में हमारा मस्तिष्क धीरे धीरे इस दुनिया से अलग हो जाता है ।
-कुछ महत्वपूर्ण चरणों से गुजरने के बाद हमें नींद आ जाती है ।
-नींद द्वारा शरीर के घाव जल्दी भरते हैँ अगर कोई हो तो ।
-रोग प्रतिरोधक सिस्टम क़ी मुरम्मत हो जाती है ।
-जब तक आप क़ी नींद पूरी नहीं होगी आप अपनी शुगर को नियन्त्रित नहीं कर पाएंगे और न ही इससे घटने बढ़ने से रोक पाएंगे ।
-जब नींद से जुड़ी परेशानिया ठीक हो जाती हैँ तो तीन महीने इन्सुलिन प्रतिरोध बेहतर हो जाता है ।
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