: साइबर ग्रूमिंग एक ऐसा बढ़ता हुआ साइबर थ्रेट है जिसका सामना बच्चों और किशोरों द्वारा किया जा रहा है।
Admin
Mon, Nov 25, 2024
"साइबर सुरक्षा"
साइबर ग्रूमिंग
साइबर ग्रूमिंग एक ऐसा बढ़ता हुआ साइबर थ्रेट है जिसका सामना बच्चों और किशोरों द्वारा किया जा रहा है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जहां कोई यौन उत्पीड़न अथवा शोषण करने के लिए बच्चों का विश्वास प्राप्त करने के लिए गलत उद्देश्य से सोशल मीडिया अथवा मेसेजिंग प्लेटफार्म के माध्यम से वह बच्चों के साथ भावनात्मक संबंध स्थापित करता है।
साइबर गूमर जाली एकाउंट बनाकर बच्चे जैसा ही व्यवहार करता है अथवा बच्चे के जैसा ही शौक रखकर था बच्चे के जैसे ही शौक प्रदर्शित करकर गेमिंग बेबसाइट सोशल मीडिया ई-मेल चैट-रूम इंस्टेंट मेसेजिंग इत्यादि का प्रयोग कर सकता है।'
प्रारंभ में साइबर यूमर आपकी प्रशंसा कर सक -ता है, उपहार, मॉडलिंग जॉब का प्रस्ताव दे सकता है बाद में वो भद्दे मैसेज फोटोग्राफ अथवा वीडियोज भेजना शुरू कर सकता है और आपसे आपकी अश्लील तस्वीरें अथवा वीडियो उनसे साझा करने को कह सकता है।
* क्या आप जानते हैं कि हममें से बहुत से लोगों को यह एहसास भी नहीं होता है कि कोई हमें ऑनलाइन ग्रम कर रहा है? ऑनलाइन ग्रामर कोई परिचित व्यक्ति, रिश्तेदार अथवा ऐसा कोई अनजान व्यक्ति भी हो सकता सकता है.
जिससे हम सोशल मीडिया प्लेटफार्म चैट रूम अथवा गेमिंग पोर्टल इत्यादि पर ऑनलाइन' मिले हों।"
ऑनलाइन ग्रुमर अधिकतर किशोर वर्ग को लक्षित करते हैं क्योंकि किशोरावस्था में उनमें कई शारीरिक, व्यक्तिगत तथा सामाजिक परिवर्तन होते हैं। किशोरों की आवेगशील तथा जिज्ञासु प्रवृत्ति उन्हें ओनलाइन गतिविधियों में लगे रहने की ओर प्रोत्साहित करती है जिससे वे ऑनलाइन ग्रूमिंग के शिकार हो जाते हैं।
साइबर ग्रूमिंग का बच्चे की शारीरिक भावनात्मक तथा मनोवैज्ञानिक दशा पर अत्यंत गहरा प्रभाव पड़ता है। यह न केवल उनकी शैक्षिक उपलब्धियों को प्रभावित करता है अपितु उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को भी काफी हद तक प्रभावित करता है। ऑनलाइन ग्रुमिंग के हानिकारक प्रभाव कई बार दीर्घावधि तक रहते हैं और पीड़ित को उनकी युवावस्था में भी परेशान करते हैं।
साइबर ग्रूमिंग से चिंतित है? चिंता न करें जागरूकता और सावधानी से आप बिना किसी डर के इंटरनेट और मोबाइल टेक्नॉलाजी का प्रयोग कर सकते हैं। आपको सतर्क रहने और स्वयं को और अपने साथी दोस्तों, परिचितों को साइबर ग्रूमिंग से बचाने के लिए सुरक्षा उपायों का अनुपालन आवश्यक रूप से करने ही की जरूरत है।
साइबर ग्रूमिंग शिकार से बचाव :-
1. सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। साइबर गूमर अपने शिकार से दोस्ती करने के लिए जाली (FAKE) एकाउंट भी बना सकता है।
2. सोशल मीडिया अथवा अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे जन्मतिथि Date of Birth पता, फोन नंबर और स्कूल कॉलेज का नाम साझा न करें। आपकी ऑनलाइन पोस्ट तक कौन पहुँच सकता है इसके लिए आप सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्राइवेसी सेटिंग में जाए। अपने प्रोफाइल तक केवल अपने दोस्तों की पहुँच को ही सीमित रखने का प्रयास करें।
3. सावधान हो जाएं जब जान पहचान की छोटी सी अवधि में ही आपका चैट पार्टनर आपके रंग रूप, विशेषताओं Qualities की ज्यादा ही प्रशंसा करे।
4. ऐसे लोगों से बात न करें जो आपके शारीरिक और यौन अनुभवों के बारे में आपसे प्रश्न पूछे । आप उस व्यक्ति से ऐसे प्रश्न नहीं पूछने को कह सकते हैं क्योंकि आप असहज महसूस करते हैं। यदि वे फिर भी ऐसा ही करते हैं तो तुख्त अपने माता-पिता या बड़ो को सूचित करें।
5. ऐसे लोगों से बात ही न करें जो आपसे आ
साइबर ग्रूमिंग शिकार से बचाव :-
1. सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। साइबर गूमर अपने शिकार से दोस्ती करने के लिए जाली (FAKE) एकाउंट भी बना सकता है।
2. सोशल मीडिया अथवा अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे जन्मतिथि Date of Birth पता, फोन नंबर और स्कूल कॉलेज का नाम साझा न करें। आपकी ऑनलाइन पोस्ट तक कौन पहुँच सकता है इसके लिए आप सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्राइवेसी सेटिंग में जाए। अपने प्रोफाइल तक केवल अपने दोस्तों की पहुँच को ही सीमित रखने का प्रयास करें।
3. सावधान हो जाएं जब जान पहचान की छोटी सी अवधि में ही आपका चैट पार्टनर आपके रंग रूप, विशेषताओं Qualities की ज्यादा ही प्रशंसा करे।
4. ऐसे लोगों से बात न करें जो आपके शारीरिक और यौन अनुभवों के बारे में आपसे प्रश्न पूछे । आप उस व्यक्ति से ऐसे प्रश्न नहीं पूछने को कह सकते हैं क्योंकि आप असहज महसूस करते हैं। यदि वे फिर भी ऐसा ही करते हैं तो तुख्त अपने माता-पिता या बड़ो को सूचित करें।
5. ऐसे लोगों से बात ही न करें जो आपसे आपकी अश्लील फोटोग्राफ और वीडियो साझा करने को कहे। यदि आप अपनी अश्लील फोटोग्राफ अथवा वीडियो किसी के साथ साझा करते हैं तो वह व्यक्ति उन्हें किसी ओर के साथ साझा कर सकता है अथवा उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सकता है। वो आपको ब्लैकमेल कर सकता है।
6 जब आपका चैट पार्टनर वेबकैम से कनेक्ट नं हो तो अपने वेबकैम को कभी भी ऑन ना करें।
7 यदि आपका चैट पार्टनर उसके साथ आपकी बातचीत 'को गोपनीय रखने को कहे तो अपने बड़ो अथवा माता-पिता, गुरुजनों से बात करें।
8. उस व्यक्ति से मिलने अकेले न जाएं जिससे आप ऑनलाइन मिले हों। हमेशा अपने साथ अपने किसी मित्र अथवा किसी वरिष्ठजन बुजुर्ग को लेकर ही जाएं।
9.कभी भी अनजान स्त्रोतों से अनावश्यक सॉफ्टवेयर और एप्स जैसे डेटिंग एप ऑनलाइन गेम इत्यादि को इंस्टाल न करें। चैट रूम में चैटिंग करते समय विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। चैट रूम में अपनी व्यक्तिगत जानकारी कभी भी साझा न करें और अपनी पहचान को सीमित करें।
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