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स्वदेशी केवल विकल्प नहीं, राष्ट्र निर्माण का संकल्प है : अमेरिका की टैक्स नीति: भारत के लिए चुनौती नहीं, स्वदेशी को अपनाने का सुनहरा अवसर

Ashwani Kumar Sinha

Tue, Aug 5, 2025


अमेरिका की टैक्स नीति: भारत के लिए चुनौती नहीं, स्वदेशी को अपनाने का सुनहरा अवसर

नई दिल्ली, 5 अगस्त 2025अमेरिका द्वारा हाल ही में भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) बढ़ाने की नीति को लेकर जहां आर्थिक और कूटनीतिक हलकों में चिंता व्यक्त की जा रही है, वहीं स्वदेशी जागरण मंच जैसे संगठनों ने इसे भारत के लिए "सुनहरा अवसर" बताया है। उनका मानना है कि यह समय भारतवासियों के लिए स्वदेशी अपनाकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस कदम बढ़ाने का है।

स्वदेशी जागरण मंच ने कहा — चुनौती नहीं, अवसर है यह

स्वदेशी जागरण मंच के वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा,

"जब कोई बाहरी ताकत हमें कमजोर करना चाहती है, तब यह हमारे लिए आत्मबल, स्वाभिमान और स्वदेशी उत्पादन की शक्ति को पहचानने का समय होता है। अमेरिका द्वारा भारत पर टैक्स बढ़ाना हमारी निर्भरता पर एक चोट है — जिसे हम अवसर में बदल सकते हैं।"

मंच का स्पष्ट कहना है कि भारत की विशाल जनसंख्या, प्रतिभा और संसाधन ऐसे हैं कि यदि हम अपने घरेलू उत्पादों, किसानों, कारीगरों और लघु उद्योगों को प्राथमिकता दें, तो हम न केवल विदेशी टैक्सों की मार से बच सकते हैं बल्कि वैश्विक स्तर पर एक मजबूत अर्थव्यवस्था भी खड़ी कर सकते हैं।

भारतवासियों को करना होगा ये संकल्प:

✅ स्वदेशी वस्तुओं की खरीद को प्राथमिकता दें
✅ विदेशी ब्रांड के स्थान पर स्थानीय उत्पादों को अपनाएं
✅ MSME, ग्रामोद्योग, खादी और हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा दें
✅ स्वदेशी ऐप्स, तकनीक, टेक स्टार्टअप्स का समर्थन करें

क्या कहता है आर्थिक विश्लेषण?

अर्थशास्त्रियों का भी मानना है कि ऐसे वैश्विक व्यापार तनावों के दौर में यदि देश आत्मनिर्भरता पर बल देता है तो वह न केवल आंतरिक बाज़ार को सशक्त बना सकता है, बल्कि विदेशी निर्भरता से मुक्त होकर दीर्घकालीन लाभ प्राप्त कर सकता है।

स्वदेशी अपनाने का यह है सही समय

स्वदेशी जागरण मंच ने सभी भारतवासियों से अपील की है कि वे अमेरिका की इस कर वृद्धि को केवल चुनौती के रूप में न देखें, बल्कि इसे एक प्रेरणा बनाएं — अपने देश के उत्पादों, मेहनतकश नागरिकों और आत्मनिर्भर भारत के सपने को आगे ले जाने के लिए।


“स्वदेशी केवल विकल्प नहीं, राष्ट्र निर्माण का संकल्प है।”

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