अमृत तुल्य गाय का घी औषधि भी हैं, प्रतिदिन नाक और नाभि में गाय का घी ड : घी देसी गाय का हो और दही से बनाया गया हो।
Ashwani Kumar Sinha
Mon, Mar 17, 2025
अमृत तुल्य गाय का घी औषधि भी हैं, प्रतिदिन नाक और नाभि में गाय का घी डालने से कब्ज और अनेकों रोगों से छुटकारा मिलता है।
१.गाय का घी नाक में डालने से पागलपन दूर होता है।
२.गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्म हो जाती है।
३.गाय का घी नाक में डालने से लकवा का रोग में भी उपचार होता है।
४. 20-25 ग्राम गाय का घी व मिश्री खिलाने से शराब,भांग व गांजे का नशा कम हो जाता है।
५.हिचकी के न रुकने पर खाली गाय का आधा चम्मच घी खाए, हिचकी स्वयं रुक जाएगी।
६.नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है और दिमाग तरोताजा हो जाता है।
७.गाय का घी नाक में डालने से कोमा से बाहर निकल कर चेतना वापस लोट आती है।
८.गाय का घी नाक में डालने से बाल झडना समाप्त होकर नए बाल भी आने लगते है।
९.गाय के घी को नाक में डालने से मानसिक शांति मिलती है, याददाश्त तेज होती है।
१०.हाथ-पॉँव मे जलन होने पर गाय के घी को तलवो में मालिश करें जलन ठीक होता है।
याद रखें- घी देसी गाय का हो और दही से बनाया गया हो।
विज्ञापन