अपने और अपने परिवार की थाली स्वयं जांचें : FSSAI की अपील: “खुद की जिम्मेदारी से शुरू होता है परिवार का स्वास्थ्य”
Ashwani Kumar Sinha
Sat, Jul 12, 2025
📰 FSSAI की अपील: “खुद की जिम्मेदारी से शुरू होता है परिवार का स्वास्थ्य”
विशेष रिपोर्ट | जारी तिथि: 7 जून 2025 | अवसर: विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस
भारत सरकार की खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था FSSAI (भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने 7 जून 2025 को World Food Safety Day के अवसर पर आम नागरिकों के लिए एक सशक्त संदेश और गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन का मूल मंत्र है —
“स्वस्थ भारत की शुरुआत हर घर से, और हर घर की शुरुआत एक जिम्मेदार नागरिक से।”
FSSAI ने यह स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य की रक्षा केवल डॉक्टर या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर व्यक्ति को अपने खानपान और जीवनशैली के प्रति जागरूक होना होगा।
🧭 FSSAI की चेतावनी और मार्गदर्शन: 4 विशेष बातें
✅ 1. विज्ञापनों के बहकावे में न आएं
चमकदार विज्ञापनों में दिखाए जाने वाले जंक फूड, चीनीयुक्त ड्रिंक, डीप फ्राइड स्नैक्स से सावधान रहें।
जो चीज़ "स्वादिष्ट" दिख रही है, वह आपके स्वास्थ्य के लिए धीमा ज़हर भी हो सकती है।
✅ 2. अपने और अपने परिवार की थाली स्वयं जांचें
क्या आपकी थाली में रोज़ ताज़ी सब्ज़ी, दाल, मिलेट (ज्वार, बाजरा, रागी), फल और पर्याप्त पानी है?
क्या आप भोजन में कम तेल, कम नमक और कम चीनी का संतुलन रखते हैं?
क्या बच्चे चिप्स, चॉकलेट और मीठे पेय का अधिक सेवन कर रहे हैं?
✅ 3. लेबल पढ़ें, समझें और चुनें
पैक्ड फूड खरीदने से पहले उसका लेबल पढ़ना सीखें।
High in Sugar, Saturated Fat, Trans Fat — ऐसे उत्पादों से दूरी बनाएं।
“Har Label Kuch Kehta Hai” — FSSAI का ये अभियान इसी उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
✅ 4. खुद जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें
स्वास्थ्य के लिए दूसरों पर निर्भर रहना बंद करें।
खुद तय करें कि आपको क्या खाना है, कितना खाना है और किस समय खाना है।
🌿 FSSAI की नई गाइडलाइन की मुख्य बातें
📌 खानपान सुधार के लिए सुझाव:
नमक, तेल और चीनी का सेवन 10% तक घटाएं।
प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड की मात्रा सीमित करें।
मिलेट आधारित भोजन को अपनाएं — यह पोषण, पाचन और पर्यावरण के लिए बेहतर हैं।
📌 “Eat Right India” कार्यक्रम को अपनाएं:
यह अभियान सभी नागरिकों से आह्वान करता है कि वे अपने स्वास्थ्य के लिए जागरूक हों और दूसरों को भी बनाएं।
📌 NCERT के सहयोग से स्कूलों में बच्चों को सिखाया जा रहा है:
भोजन से जुड़ी लेबल पढ़ने की शिक्षा, आहार संतुलन का महत्व, और फूड वेस्ट न करने की आदतें।
🧠 विशेषज्ञों की सलाह
“स्वस्थ भारत की शुरुआत हमारी प्लेट से होती है। हम जो खाते हैं वही हमारा भविष्य तय करता है।”
— डॉ. अर्शिया खान, पोषण विशेषज्ञ, स्वास्थ्य मंत्रालय
“परिवार का स्वास्थ्य विज्ञापन नहीं, सजगता से चलता है। माता-पिता अगर खुद जागरूक हों तो बच्चे अपने आप सही रास्ते पर चलेंगे।”
— सुनील अग्रवाल, उपनिदेशक, FSSAI
📌 निष्कर्ष:
FSSAI की इस गाइडलाइन का मूल संदेश यही है कि: 🔹 स्वस्थ भोजन एक अधिकार है,
🔹 सही भोजन एक जिम्मेदारी है,
🔹 और जागरूकता ही पहला इलाज है।
अब समय आ गया है कि हम सभी व्यक्ति, अपने घर-परिवार की जिम्मेदारी स्वयं उठाएं और अपने स्वास्थ्य से समझौता नहीं करें।
✍️ यह समाचार लेख आमजन में स्वास्थ्य विषयक जागरूकता लाने के लिए तैयार किया गया है। इसे विद्यालय, सामाजिक संस्था, वार्ड सभा, या पारिवारिक चर्चा में पढ़ा और साझा किया जा सकता है।
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