एक गलत निपटान – किसी की जान ले सकता है : CDSCO की सलाह: एक्सपायर हो चुकी खतरनाक दवाएं कूड़ेदान में न डालें, टॉयलेट में बहाएं – जानिए क्यों और कैसे
Ashwani Kumar Sinha
Wed, Jul 9, 2025
📰 विशेष जागरूकता समाचार
CDSCO की सलाह: एक्सपायर हो चुकी खतरनाक दवाएं कूड़ेदान में न डालें, टॉयलेट में बहाएं – जानिए क्यों और कैसे
📌 संगठन:
CDSCO (Central Drugs Standard Control Organisation) – भारत सरकार की औषधि नियंत्रण संस्था
📅 दिशा-निर्देश जारी करने की तिथि:
जुलाई 2025
🔍 क्या कहा गया है?
CDSCO ने दवा उपभोक्ताओं और मेडिकल स्टोर्स के लिए स्पष्ट मार्गदर्शिका जारी की है कि कुछ खास प्रकार की खतरनाक दवाओं को कूड़ेदान में फेंकना सुरक्षित नहीं है, बल्कि इन्हें टॉयलेट या सिंक में बहा देना चाहिए, ताकि वे किसी गलत हाथ में न लग सकें।
🧪 कौन-सी दवाएं शामिल हैं?
CDSCO ने जिन 17 दवाओं को सीधे टॉयलेट में बहाने की सलाह दी है, उनमें प्रमुख हैं:
Fentanyl
Tramadol
Tapentadol
Oxycodone
Morphine Sulphate
Diazepam
Methadone
Methylphenidate
Sodium Oxybate
(ये सभी उच्च स्तरीय नशा, दर्द निवारण या मानसिक रोग की दवाएं हैं)
⚠️ खतरा क्या है?
ये दवाएं यदि कूड़ेदान में फेंकी जाती हैं तो बच्चों, जानवरों या कचरा बीनने वालों द्वारा इनका दुरुपयोग हो सकता है।
इनमें से कई दवाएं केवल एक खुराक में ही जानलेवा या नशे की लत पैदा करने वाली होती हैं।
पर्यावरणीय प्रभाव – यदि असुरक्षित रूप से फेंकी गईं तो ये मिट्टी व जल में मिलकर रासायनिक प्रदूषण फैला सकती हैं।
🧾 CDSCO की गाइडलाइन के अनुसार:
इन दवाओं को घर में इकट्ठा न रखें
अगर एक्सपायर हो गई हैं या उपयोग में नहीं आ रहीं, तो तुरंत टॉयलेट में बहा दें
अन्य दवाओं के लिए नजदीकी “Drug Take-Back” केंद्र का उपयोग करें
🧠 विशेषज्ञों की राय:
डॉ. धीरज मेनन (फार्माकोलॉजिस्ट):
“इन दवाओं का एक खुराक भी किसी के लिए जानलेवा हो सकता है। कूड़ेदान में फेंकना पूरी तरह गलत है।”
🧴 विकल्प क्या हैं?
टॉयलेट/सिंक में बहाना — केवल उन्हीं दवाओं के लिए जिनकी सूची CDSCO ने जारी की है।
अन्य दवाओं के लिए:
दवा स्टोर वापस करें (यदि वे वापसी लेते हैं)
स्थानीय अथॉरिटी से संपर्क कर सही निपटान पद्धति पूछें
“Disposal Pouch” या Biohazard Waste Bag का उपयोग करें
📚 निष्कर्ष:
CDSCO की यह गाइडलाइन एक संवेदनशील, वैज्ञानिक और जिम्मेदार पहल है। इसका उद्देश्य समाज को दवा के गलत उपयोग, स्वास्थ्य जोखिम और पर्यावरणीय संकट से बचाना है।
हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह दवाओं के निपटान को भी उतनी ही गंभीरता से ले जितना उनके उपयोग को।
एक गलत निपटान – किसी की जान ले सकता है।
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