स्वदेशी जागरण मंच के केंद्रीय कार्यालय नई दिल्ली में प्रचार व मीडिया की दो दिवसीय कार्यशाला 30 नवंबर व 1 दिसंबर 2024 को संपन्न हुआ।
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स्वदेशी देश का विचार है, अपने स्वयं का विकास से ही देश का विकास है, स्वदेशी जागरण मंच का कार्य "स्व" को स्थापित करना है
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प्रथम दिवस दीप प्रज्वलन, उद्घाटन गीत, से प्रारंभ हो कर माननीय सतीश कुमार जी, सह संगठक स्वदेशी जागरण मंच, प्रथम सत्र में इन्होंने बताया कि ठेंगड़ी जी ने सन 1942 में संघ के प्रचारक बने, इस समय इन्होंने बी एल एल बी की शिक्षा प्राप्त की थी, और इन्होंने 1991 में स्वदेशी जागरण मंच की स्थापना की ।
कार्यशाला में जुड़े मीडिया और प्रचार कार्य में जुड़े स्वयंसेवकों को बताया गया कि,
हमेशा नई चीजों को सीखना ही प्रचार का तरीका हैं,
हमारे में सीखने की ललक होगी, तभी हमें विचारों को लोगों तक पहुंचाने से कोई रोक नहीं सकता।
कोई भी विचारो का प्रचार प्रसार तथ्यों व साक्ष्यो के आधार पर होना चाहिए।
पहले के प्रचार सिर्फ कुछ बड़े लोग, बड़े-बड़े होटलों, में बैठकर तय कर लेते थे, कि देश आगे कुछ दिनों तक क्या सोचेगा, लेकिन
वर्ष 2012 के आसपास भारत के कुछ बड़े-बड़े आंदोलनो के बाद सोशल मीडिया ने क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया,
विचार और समाचार दो प्रकार के लोगों तक पहुंचाना होता है, जिन तक हम पहुंचे, और जिन लोगों तक हम नहीं पहुंचे।
प्रचार मीडिया कार्य में सहयोगी स्वयंसेवकों को यह ध्यान रखना जरूरी है कि हम अपनी बात को कितनी रोचक तरीके से सामने रख पाते हैं क्योंकि जो उत्पादक है वह किसी अन्य रूप में ग्राहक ही है, जहां से आप जुड़े हैं, वहां के साहित्य का अवलोकन व अध्ययन करते रहे, विचारों को अभिव्यक्त करने के लिए लिखे ना कि प्रभावित करने के लिए ।
भारत के छोटे-छोटे बाजार, कौशल विहीन, कला विहीन, उद्योग विहीन करने में हमारा लाइसेंस पद्धति व नियमों का सख्त होना बड़ा कारण रहा।
भारत के उद्योगों पर बाहरी देशों की मीडिया का आक्रमण भी एक सोची समझी योजना एजेंडा के तहत प्रयोग किया जाता रहा है।
एक उदाहरण से समझ सकते है कि ,
विश्व
खुशहाली देश कौन है की रिपोर्ट जारी करने वाले लोग यह आंकड़ा कैसे इकट्ठा करते होंगे समझे
, फिनलैंड की जनसंख्या 56,17,310 के लगभग,
डेनमार्क की जनसंख्या 5,988,676 के लगभग
, आइसलैंड की जनसंख्या 3,95,588 के लगभग ,
स्वीडन की जनसंख्या 10,628,600 के लगभग
और
भारत की जनसंख्या 150 करोड़ के लगभग,
तो आंकड़ा किस प्रकार अनुमान लगाया जाता होगा।