: ऐसे करें महत्वपूर्ण अंगों की सफाई
Sun, Dec 10, 2023
*🌹स्वास्थ्य🌹**ऐसे करें महत्वपूर्ण अंगों की सफाई-**लिवर की सफाई के लिए*
20 ग्राम काली किशमिस और 1 ग्लास पानी लेकर मिक्सर मे जूस बनाकर सुबह खाली पेट 15 दिनों तक सेवन करने से लिवर की सफाई होती है।*किडनी की सफाई के लिए*
हरा धनिया 40 ग्राम +1 ग्लास पानी मिक्स करके मिक्सर मे पिस करके सुबह खाली पेट लिजिए यह 10 दिनों तक करने से किडनी की सफ़ाई होती है। और हमारी किडनी स्वस्थ रहती है।*हार्ट की सफाई के लिए*
60 ग्राम अलसी को मिक्सर मे पीस लिजिए फिर सुबह शाम खाली पेट 10-10 ग्राम की मात्रा मे सेवन से हमारा हार्ट (हृदय) स्वस्थ रहता है यह उपाय 1 महिने तक करनां है।*दिमाग की सफाई के लिए*
बादाम 8 और अखरोट 2 नग लेकर रात को 1 ग्लास पानी मे भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करें। यह पूरे 2 महिनों तक करने से दिमाग को पूरी तरह से जहरमुक्त किया जा सकता है।*फेंफडो की सफाई के लिए*
2 चम्मच शहद + 1 चम्मच नींबू का रस + 1 चम्मच अदरक का रस सभी चीजो को मिक्स करके सुबह खाली पेट सेवन करने से बीड़ी, सिगरेट, गुटखा या तंबाकु से जो नुकसान हमारे फेंफडो को हुआ है उन्हे सुधार होगा और हमारे फेंफडे पुरी तरह से स्वस्थ हो जाते है। यह प्रयोग करीब 20 दिनों तक करनां है।
(जानकारी में किसी प्रकार की अस्पष्टता या संदेह के बढ़ने पर उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वह नेचुरल इंस्टीट्यूट आफ नेचरोपैथी या अन्य स्रोत के साथ सत्यापन व जांच करें और उचित पेशेवर की सलाह ले)
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: यूरिक एसिड को समाप्त करने का नुस्खा....
Sat, Dec 9, 2023
यूरिक एसिड को समाप्त करने का नुस्खा .....जोड़ों के दर्द में आमतौर पर रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है !25-30 ग्राम पुदीना की पत्तियाँ व उसके कोमल तने को एक गिलास पानी में उबालें 8-10 उफान आने पर उसे छानकर पी लें ! कुछ दिन प्रातः खाली पेट इसका सेवन करने से रक्त से यूरिक एसिड की मात्रा कम होने लगती है !जाने यूरिक एसिड के बारे में। अगर कभी आपके पैरों उंगलियों, टखनों और घुटनों में दर्द हो तो इसे मामूली थकान की वजह से होने वाला दर्द समझ कर अनदेखा न करें यह आपके शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का लक्षण हो सकता है।इस स्वास्थ्य समस्या को गाउट आर्थराइट्सि कहा जाता है। क्यों होता है ऐसा...1. यह समस्या शरीर में प्रोटीन की अधिकता के कारण होती है। प्रोटीनएमिनो एसिड के संयोजन से बना होता है। पाचन की प्रक्रिया के दौरान जब प्रोटीन टूटता है तो शरीर में यूरिक एसिड बनता है, जो कि एक तरह का एंटी ऑक्सीडेंट होता है।आमतौर सभी के शरीरमें सीमित मात्रा में यूरिक एसिड का होना सेहत के लिए फायदेमंद साबित होता है, लेकिन जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो रक्त प्रवाह के जरिये पैरों की उंगलियों, टखनों, घुटने, कोहनी, कलाइयों और हाथों की उंगलियों के जोड़ों में इसके कण जमा होने लगते हैं और इसी के रिएक्शन से जोड़ों में दर्द और सूजन होने लगता है।2. यह आधुनिक अव्यवस्थित जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या है।इसी वजह से 25 से 40 वर्ष के युवा पुरुषों में यह समस्या सबसे अधिक देखने को मिलती है। स्त्रियों में अमूमन यह समस्या 50 वर्ष की उम्र के बाद देखने को मिलती है।3. रेड मीट, सी फूड, रेड वाइन, प्रोसेस्डचीज, दाल, राजमा, मशरूम, गोभी, टमाटर, पालक आदि के अधिक मात्रा में सेवन से भी यूरिक एसिड बढ़ जाता है।4.अधिक उपवास या क्रैश डाइटिंग से भी यह समस्या बढ़ जाती है।5. आमतौर पर किडनी रक्त में मौजूद यूरिक एसिड की अतिरिक्त मात्रा को यूरिन के जरिये बाहर निकाल देती है, लेकिन जिन लोगों की किडनी सही ढंग से काम नहीं कर रही होती, उनके शरीर में भी यूरिक एसिड बढ़ जाता है।6.अगर व्यक्ति की किडनी भीतरी दीवारों की लाइनिंग क्षतिग्रस्त हो तो ऐसे में यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से किडनी में स्टोन भी बनने लगता है।बचाव.....1. अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीने की कोशिश करें।इससे रक्त में मौजूद अतिरिक्त यूरिक एसिड यूरिन के जरिये शरीर से बाहर निकल जाता है।2. दर्द वाले स्थान पर कपड़े में लपेटकरबर्फ की सिंकाई फायदेमंद साबित होती है।3. संतुलित आहार लें...जिसमें, कार्बोहइड्रेट, प्रोटीन, फैट, विटमिन और मिनरल्स सब कुछ सीमित और संतुलित मात्रा में होना चाहिए। आम तौर पर शाकाहारी भारतीय भोजन संतुलित होता है और उसमें ज्यादा फेर-बदल की जरूरत नहीं होती।4. नियमित एक्सराइज इस समस्या से बचने का सबसे आसान उपाय है क्योंकि इससे शरीर में अतिरिक्त प्रोटीन जमा नहीं हो पाता।5. इस समस्या से ग्रस्त लोगों को नियमित रूप से दवाओं का सेवन करते हुए हर छह माह के अंतराल पर यूरिक एसिड की जांच करानी चाहिए।
(जानकारी में किसी प्रकार की अस्पष्टता या संदेह के बढ़ने पर उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वह नेचुरल इंस्टीट्यूट आफ नेचरोपैथी या अन्य स्रोत के साथ सत्यापन व जांच करें और उचित पेशेवर की सलाह लें)
: अपने डाइट में शामिल करे पनीर
Fri, Dec 8, 2023
*अपनी डाइट में शामिल करें पनीर*
1. पनीर में भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। बाल्यावस्था में पनीर को भोजन में अनिवार्य रूप से शामिल करने से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास अच्छी तरह से होता है।
2. पनीर कई ऐसे पोषक तत्वों का स्रोत है, जिनकी शरीर को अत्यधिक आवश्यकता होती है। पनीर शरीर में प्रोटीन की आपूर्ति करता है। इसमें विटामिन बी. कॉम्प्लेक्स भी पाया जाता है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स शरीर के मेटाबॉलिज्म को सही रखता है। पनीर कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, जिंक और सेलेनियम के रूप में विभिन्न खनिज तत्वों का भी एक अच्छा स्रोत है।
3. पनीर में मौजूद प्रोटीन की मात्रा शाकाहारियों के लिए बहुत अच्छी है। ऐसा इसलिए, क्योंकि शाकाहारियों को दैनिक प्रोटीन की आवश्यक मात्रा की आपूर्ति पनीर से हो जाती है।
4. पनीर में पोटैशियम भी पाया जाता है, जो रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) को सुचारु रूप से संचालित करने में सहायक है। यह मांसपेशियों की ऐंठन से भी राहत दिलाता है। पनीर में उपलब्ध पोटैशियम का सेवन, ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को रोकता है, क्योंकि यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखता है।
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